
हमको भी तडपाओगे
जिंदगी से हम क्या शिकायत करे
उनसे मिलने की क्यों इबादत करे
खुदगर्जों से ज्यादा और क्या पायेगें
चोट- पर -चोट खाते चले जायेगें
बढ़ गया दर्द हद से ज्यादा मगर
रोते और गुनगुनाते चले जायेगें,||
फिर भी देता है कोई,अगर जख्म तो
उफ़ करेगें नहीं और हम सहे जायेगें,
खुशियाँ आऐ न आऐ हमे गम नही
अब गमों की ही चाहत हमे कम नही
बढ़ गया दर्द हद से ज्यादा मगर
रोते और गुनगुनाते चले जायेगें,||
हमसे नफरत करो या मोहब्बत करो
हमसे चाहत करो या शिकायत करो
तेरी नफरत हमे तो दिल से मंजूर है.
हमने मोहब्बत की है किये जायेगें
बढ़ गया दर्द हद से ज्यादा मगर
रोते और गुनगुनाते चले जायेगें,||
प्यार में जिनके हम देखो बर्बाद है,
आज हमको मिटाकर वो आबाद है
हो न हो आज उनको हमारी कदर
कल पुकारेगे जब हम चले जायेगें
बढ़ गया दर्द हद से ज्यादा मगर
रोते और गुनगुनाते चले जायेगें,||
जाते जाते गुजारिश है इतनी सनम
याद हमको न करना तुम्हे है कसम
गर उठे भाव दिल में जो अहसास के,
तुम तड़पोगे, हमको भी तडपाओगे..
बढ़ गया दर्द हद से ज्यादा मगर
रोते और गुनगुनाते चले जायेगे,||
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DHEERENDRA





