बुधवार, 25 जनवरी 2012

26 जनवरी आया है....


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26 जनवरी आया है.

नया वर्ष महंगाई लेकर, भ्रष्टाचार को लाया है
लोकपाल क़ानून बिना ही,26 जनवरी आया है

मन ही मन खुशी हो रहे, क़ानून नही ये बन पाया
मिटी देश की खुशियाँ सारी,सबका मन है मुरझाया

खुशहाली हो सारे देश में, शांति व्यवस्था पाने को
लागू कर क़ानून देश में, न्याय व्यवस्था लाने को

बिखर गए सारे सपने , आंबेडकर नेहरू गांघी के
बुत बनकर है देख रहे,लुटते अपने आशियाने को

एक समय अंग्रेजों ने, जी भरकर भारत को लुटा
उनकी फितरत ले नेता, मचा रहे है लूट खसोटा

लोकपाल बन गया होता, दिखता आज नजारा और
अंदर सारे नेता होते भ्रष्टाचारियों को मिलती ठौर

रोजमर्रा की चीजों के, देखो कितने भाव बढ़ रहे
भूखे गरीब पड़े बेचारे, मजबूरी में प्राण तज रहे

माध्यमवर्ग निराश खड़ा, उसको है इज्जत के लाले
वह ही है आधार देश का, जिसने औरो के तन पाले

जो है दाता यहाँ अन्न का,बैठा देखो आज रो रहा
सबकी भूख मिटाने वाला, कैसे अपनी जान दे रहा

कब तक भुगते देश, इन नेताओं के कारनामों को
जनता मौक़ा देख रही है,अबकी सबक सिखाने को

लोकसभा में पास हो गया,राज्यसभा ने लटकाया है
जन लोकपाल क़ानून बिना ही,26 जनवरी आया है


Friends18.com Orkut Scraps

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--DHEERENDRA --



66 टिप्‍पणियां:

  1. बुत बनकर हैं देख रहे, लुटते अपने आशियाने को ।

    आम आदमी के अंदर के आक्रोश को व्यक्त करती बहुत ही शानदार रचना । पिछले साल हम जहाँथे वहीं हैं । बल्कि और भी पीछे हो गए हैं ।

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  2. बहुत सुन्दर रचना!
    --
    गणतन्त्र दिवस की पूर्व वेला पर हार्दिक शुभकामनाएंँ!

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    गणतन्त्रदिवस की पूर्ववेला पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    सूचनार्थ!

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  4. सबको शुभकामनायें, देश प्रगति करे।

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  5. सुंदर कविता
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएं

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  6. जो है दाता यहाँ अन्न का,बैठा देखो आज रो रहा
    सबकी भूख मिटाने वाला, कैसे अपनी जान दे रहा
    कब तक भुगते देश, इन नेताओं के कारनामों को
    जनता मौक़ा देख रही है,अबकी सबक सिखाने को

    पूरा देश इसी उम्मीद में बैठा है आपकी रचना ,
    उस उम्मीद में जोश भर देगी.................. !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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  7. बहुत अच्छी प्रस्तुति।अंग्रेजों से बदतर स्थिति कर दी है आजके नेताओं ने।

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  8. सुन्दर प्रस्तुति,गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएं

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  9. गणतन्त्र दिवस और आज के मतदाता दिवस की मांगल्कांनाए।
    कृपया अन्ना के जन-लोकपाल जो कारपोरेट लुटेरों का कवच है का महिमा मंडन न करें तो आम जनता का भला होगा। नेताओं पर हमला करने की आदत भी चोरों,लुटेरों को बचाने की प्रवृति है,ब्यूरोक्रेसी की घोर चा ल है-ये इसे भी समझने की कृपा करें।

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  10. बहुत ही बढ़िया सर!

    गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ।

    सादर

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  11. २६ जनवरी की शुभकामनायें ..
    kalamdaan.blogspot.com

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  12. २६ जनवरी की शुभकामनयें .....बढिया अभी व्यक्ति

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  13. आपके इस उत्‍कृष्‍ठ लेखन का आभार ...

    ।। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं ।।

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  14. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
    sundar rachna ..........

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  15. desh ki vywastha par bahut achchha prahaar kiya hai. gantantra diwas ki shubhkaamnaayen.

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  16. bahut umda,behtreen kavita.har shabd sachchaai ka bayaan kar raha hai.

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  17. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ।
    ----------------------------
    कल 26/01/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  18. ये आना-जाना यूँ ही रहेगा,
    गंगा में पानी और बहेगा !

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  19. सुंदर प्रस्तुति आपको भी गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें

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  20. आक्रोश के भाव ... गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें...

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  21. बढिया रचना।
    गजब का व्‍यंग्‍य।

    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं....

    जय हिंद...वंदे मातरम्।

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  22. गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएं!

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  23. सटीक पंक्तियाँ ....सभी देशवासियों को शुभकामनायें

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  24. लोकसभा में पास हो गया,राज्यसभा ने लटकाया है
    जन लोकपाल क़ानून बिना ही,26 जनवरी आया है

    सुन्दर सटीक व्यंगात्मक प्रस्तुति.
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.
    काश! हर कोई देश के लिए सोचे और काम करे.

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  25. सत्यता को उजागर करती सुंदर और बेहतरीन प्रस्तुती है
    गणतंत्र दिवस कि शुभकामनाये

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  26. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना !

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  27. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...

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  28. सुंदर प्रस्तुति...... गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें......

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  29. जैसे आया है चला भी जायेगा..कहाँ कुछ बदल जायेगा.
    सुन्दर प्रस्तुति..गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें..

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  30. जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा..बहुत सटीक और सुन्दर प्रस्तुति...गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें !

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  31. सच्चाई बड़ी कड़वी होती है.

    गणतंत्र दिवस हम सभी भारतवासियों को मुबारक हो.

    इलाही वो भी दिन होगा जब अपना राज देखेंगे
    जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा.

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  32. बहुत सुंदर प्रस्तुति, गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए...
    एक ब्लॉग सबका

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  33. jan jan kee bhavnaaon ko shashakt rooap se vyakt karti shandaar rachna...sadar badhayee aaur apne blog per amantran ke sath

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  34. जन-जन के विचार को आपने सुगढ़ गीत में ढाल दिया...वाह!

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  35. सुंदर प्रस्तुति.
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें.

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  36. Bahut sahi farmaya aapane netaaon ne adgrezon ko bhi jaise peeche chhodane ki soch li hai bhrashtaachaar, loot-khasoT har baat me. Sabhi paartiyon aur netaaon ka yahi haal hai koi nahi chahtaa ki Lok Pal Bill pass ho! Ham vyathit hote rarenge aur neta mauz karte rahenge.
    sunder prasturi

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  37. बहुत सही लिखा है |सुन्दर रचना |
    आशा

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  38. लोकसभा में पास हो गया,राज्यसभा ने लटकाया है
    जन लोकपाल क़ानून बिना ही,26 जनवरी आया है
    जन भावना की अभिव्यक्ति करती रचना .बधाई .

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  39. वास्तविकता का सही परिचय कराया है आपने...२६ जनवरी विषयक मेरे भी विचार..मेरे ब्लॉग पर प्रस्तुत है!

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  40. बहुत सुन्दर लिखा है .
    लेकिन जनता को भी अब आदत सी पड़ गई है .

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  41. लोकसभा में पास हो गया,राज्यसभा ने लटकाया है
    जन लोकपाल क़ानून बिना ही,26 जनवरी आया है

    सुंदर सार्थक रचना!

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  42. ऐसे अवसरों पर नेताओं का बड़बोलापन असलियत का भान करा कर मन को और तीखेपन से भर देता है .

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  43. बढ़िया,व्यंग्यात्मक रचना.

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  44. आप का आभार जो आप ने गौ वंश रक्षा मंच पर अपनी अमूल्य टिप्पणी दी ,लेकिन सिर्फ टिप्पणी ही नहीं ,आप इस गम्भीर विषय पर अपने विचार और सुझाव के साथ अपनी कोई रचना/लेख भी इस विषय पर दें,जो सादर इस मंच पर रखी जाये , आप की रचना की प्रतीक्षा रहेगी,अपनी रचनाये कृपया यहाँ भेजे = raadheji@gmail.com

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  45. उत्तर
    1. Afsos hota hai desh ke halaat dekh ke....shayad ham sabhee kee nishkriyta zimmedaar hai in halaat ke liye!

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  46. उत्तर
    1. our president...said that we should not shake....the tree of democrcy..so that it becomes uprooted

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  47. बसन्त पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    EK BLOG SABKA
    आशा है , आपको हमारा प्रयास पसन्द आएगा!

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  48. आज के भारत की असली तस्वीर दिखाती अच्छी रचना

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  49. प्रिय धीरेन्द्र जी बहुत सुन्दर और सटीक ..दोहों ने सब हालात दिखाए
    भ्रमर ५

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  50. कुछ अनुभूतियाँ इतनी गहन होती है कि उनके लिए शब्द कम ही होते हैं !
    बसंत पचंमी की शुभकामनाएँ।

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  51. प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए आपका आभार।
    आपको गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,