बुधवार, 1 जनवरी 2014

नये साल का पहला दिन.


नये साल का पहला दिन,

नये साल का पहला दिन,पहली किरण बिहान की,
खाते कसम बदलेगें हम,किस्मत हिन्दुस्तान की! 


नव वर्ष में  हम नया गढ़ेगें ,मन में यह विश्वास है, 
आज धरा भी मांग रही  कुछ रचने को इतिहास है!  

 नई सदी की  युवा  पीढी ,दिल में  लिए अरमान है, 
शांत  नही  बैठेगें  हम, जब  तक  तन  में  जान है!

आज जरूरत  पुनःदेश को ,मिलकर एक जनून की
 भ्रष्टाचारी  फिर लुट न पाए,ऐसे सख्त क़ानून की! 

रामराज्य आ जाए फिर से, नव-निर्माण जरूरी है, 
आओ मिलकर जोर लगा दे , बस थोड़ी सी दूरी है! 

47 टिप्‍पणियां:

  1. वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति !
    नव वर्ष शुभ और मंगलमय हो !

    उत्तर देंहटाएं
  2. नव वर्ष में हम नया गढ़ेगें ,मन में यह विश्वास है,
    आज धरा भी मांग रही कुछ रचने को इतिहास है
    अच्छी सामायिक रचना.
    ********** नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!*********

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बृहस्पतिवार (02-01-2014) को "नये साल का पहला दिन" चर्चा - 1480 में "मयंक का कोना" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ईस्वी नववर्ष-2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. चर्चा मंच में मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार ...! शास्त्री जी,,,,

      हटाएं
  4. बहुत सुंदर प्रभावशाली रचना ..... नए साल के लिए बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  5. वह बहुत सुन्दर कामना नव वर्ष मंगल माय हो ..

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर रचना ,बहुत सुन्दर संकल्प !
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |
    नई पोस्ट नया वर्ष !
    नई पोस्ट मिशन मून

    उत्तर देंहटाएं
  7. प्रेरक गीत !
    नव वर्ष की बहुत शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह! बहुत सुन्दर और प्रेरक.

    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  9. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (1 जनवरी, 2014) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. ब्लॉग - चिट्ठा में मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार ...!

      हटाएं
  10. आज जरूरत पुनःदेश को ,मिलकर एक जनून की
    भ्रष्टाचारी फिर लुट न पाए,ऐसे सख्त क़ानून की! ...
    नव वर्ष पर ये संकल्प लेने की जरूरत है आज ... देश प्रेम से बढ़ के कुछ नहीं ...
    सुन्दर रचना ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. सही कहा है अब राम राज्य आकर रहेगा..

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुन्दर और प्रेरक. गीत..हार्दिक शुभकामनायें..

    उत्तर देंहटाएं
  13. sundar rachna..
    Nav-Varsh ki shubhkamnayein..
    Please visit my Tech News Time Website, and share your views..Thank you

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुन्दर प्रस्तुति-
    शुभकामनायें आदरणीय

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत सुंदर ...हार्दिक शुभकामनायें..

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सुंदर प्रस्तुति !
    नव वर्ष शुभ और मंगलमय हो !

    उत्तर देंहटाएं
  17. वाह सुन्दर सामयिक ओजपूर्ण प्रस्तुति
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

    उत्तर देंहटाएं
  18. सभी चाह लें तो वह दिन दूर नहीं। नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  19. नई सदी की युवा पीढी ,दिल में लिए अरमान है,
    शांत नही बैठेगें हम, जब तक तन में जान है!
    बहुत सुंदर ...नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  20. रामराज्य आ जाए फिर से, नव-निर्माण जरूरी है,
    आओ मिलकर जोर लगा दे , बस थोड़ी सी दूरी है!

    आपकी निरंतर उत्प्रेरक टिप्प्णियों के लिए आभार आपका दिल से। सुन्दर प्रस्तुति है नै पोस्ट नै साल की।

    उत्तर देंहटाएं
  21. नया साल सबके लिए मंगलमय हो

    उत्तर देंहटाएं
  22. बहुत सुंदर----
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    नववर्ष की हार्दिक अनंत शुभकामनाऐं----

    उत्तर देंहटाएं
  23. बहुत ही सुन्दर प्रेरक रचना....
    नववर्ष कि हार्दिक शुभकामनाएँ...
    http://mauryareena.blogspot.in/
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  24. ये साल खास कर हमारे भारत की अवाम का होगा ,हमारा होगा ''आप '' का होगा।

    उत्तर देंहटाएं
  25. बहुत सुन्दर...नव वर्ष की शुभकामनाएँ....

    उत्तर देंहटाएं
  26. bahut sundar.....hamari manokamna ek din jaroor puri hogi......nav varsh ki shubhkamnayein

    उत्तर देंहटाएं
  27. बहुत बढ़िया .....
    आओ मिलकर जोर लगा दें
    बस थोड़ी सी दूरी है.......!!
    नव-वर्ष की शुभ कामनाएं....

    उत्तर देंहटाएं
  28. बहुत ही सुन्दर रचना..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  29. बहुत सुन्दर और प्रेरक. गीत..

    उत्तर देंहटाएं
  30. नव वर्ष में हम नया गढ़ेगें ,मन में यह विश्वास है,
    आज धरा भी मांग रही कुछ रचने को इतिहास है
    अच्छी सामायिक रचना.,,,

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,