सोमवार, 6 जनवरी 2014

आ कुछ दूर चलें,फिर सोचें

आ कुछ दूर चलें,फिर सोचें
 
आ कुछ दूर चलें,फिर सोचें
अमराई  की  घनी  छाँव में
 नदी  किनारे  बधीं  नाव में,
  बैठ निशा के इस दो पल में,बीते लम्हों की हम सोचें !
आ  कुछ दूर  चलें,फिर  सोचें
मन आंगन  उपवन जैसा था
 प्रणय स्वप्न से भरा हुआ था,
तरुणाई के उन गीतों से,आ अपने तन मन को सीचें !
आ कुछ  दूर चलें, फिर सोचें
स्वप्नों की मादक मदिरा ले
 मलय  पवन से शीतलता ले,
फिर अतीत में आज मिला के,जीवन मरण प्रश्न क्यूँ सोचें !
आ कुछ  दूर चलें, फिर सोचें,
 
रचनाकार - विक्रमसिंह (केशवाही) शहडोल,म.प्र.

27 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब :)
    चलना ही पड़ेगा लगता है कुछ दूर !

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  2. मात्र चिन्तन ही न हो, कर्म हेतु पग बढ़े,
    मात्र श्रम भी न हो, कुछ सुस्पष्ट चिन्तन भी हो।
    सुन्दर पंक्तियाँ

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  3. बहुत सुन्दर व् सार्थक अभिव्यक्ति .नव वर्ष २०१४ की हार्दिक शुभकामनायें .

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज मंगलवार (07-01-2014) को पाक चाहता आप की, सेंटर में सरकार; चर्चा मंच 1485 में "मयंक का कोना" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आपका-

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..

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  7. अमराई की घनी छाँव में/ अति सुन्दर....साधू साधू

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  8. बहुत ही सुन्दर रचना...साझा करने का शुक्रिया सर!!

    सादर
    अनु

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  9. बहुत बढ़िया प्रस्तुति...आप को मेरी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

    नयी पोस्ट@एक प्यार भरा नग़मा:-कुछ हमसे सुनो कुछ हमसे कहो

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  10. बढ़िया रचना...
    आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  11. बहुत ही सुन्दर रचना..आभार

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  12. मधुर गीत की तरह गुनगुनाने को मन करता है ...

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  13. जिंदगी का सफ़र बस चलते रहना चाहिए और साथ ही आत्ममंथन भी
    सादर !

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  14. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (3 से 9 जनवरी, 2014) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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  15. .....सुन्दर रचना...साझा करने का शुक्रिया !!

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  16. वाह वाह ! बहुत ही सुन्दर रचना..आभार

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  17. बहुत सुंदर रचना .......साझा करने के लिए धन्यवाद.....

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,