नये साल का पहला दिन,
नये साल का पहला दिन,पहली किरण बिहान की,
खाते कसम बदलेगें हम,किस्मत हिन्दुस्तान की!
नव वर्ष में हम नया गढ़ेगें ,मन में यह विश्वास है,
आज धरा भी मांग रही कुछ रचने को इतिहास है!
खाते कसम बदलेगें हम,किस्मत हिन्दुस्तान की!
नव वर्ष में हम नया गढ़ेगें ,मन में यह विश्वास है,
आज धरा भी मांग रही कुछ रचने को इतिहास है!
नई सदी की युवा पीढी ,दिल में लिए अरमान है,
शांत नही बैठेगें हम, जब तक तन में जान है!
आज जरूरत पुनःदेश को ,मिलकर एक जनून की
भ्रष्टाचारी फिर लुट न पाए,ऐसे सख्त क़ानून की!
रामराज्य आ जाए फिर से, नव-निर्माण जरूरी है,
शांत नही बैठेगें हम, जब तक तन में जान है!
आज जरूरत पुनःदेश को ,मिलकर एक जनून की
भ्रष्टाचारी फिर लुट न पाए,ऐसे सख्त क़ानून की!
रामराज्य आ जाए फिर से, नव-निर्माण जरूरी है,
आओ मिलकर जोर लगा दे , बस थोड़ी सी दूरी है!
