रविवार, 3 नवंबर 2013

दीप जलायें .

 दीप जलायें
खेतों में  दीप जलाये  कृषकों  ने  नई फसल के !
  दरिद्रता का घना अन्धेरा मिटा इसी के बल से !! 

चारो ओर धरा है जगमग ,आज सुहानी लगती !
 खुशहाली  के गीत गूँजते, नई आशाऐ  जगती !! 

हरवाहे  किसान महिलाएं, श्रम की माल पिरोती !
 दीपपर्व पर  कर न्योछावर,आज खुशी  के मोती !!

लक्ष्मी-सुत, लक्ष्मी का  वंदन  दीपावली  में  करता !
  जला  जला  माटी  के  दीपक, आज अन्धेरा  हरता !! 

घर आनाज तो सदा दिवाली,संभव किसान है करता !
 लक्ष्मी-सुत  इसलिए  वही  है,खेतों में  स्वर्ण बरसता !!
 
धान,ज्वार,बाजरा,उड़द, मक्का की जब फासले आती !
 करे  किसान  फसल का  स्वागत, वे उसके गुण गाती !!

जितना उजला प्रकाश पूनम का उतनी काल निशा  है !
अंतर मिटा आज  ही  केवल ,यद्दपि विपरीत  दिशा है !!

श्रम  के दीप जलाकर लेकिन किसान प्रकाश है लाता !
 उसकी मेहनत प्रबल साधना से ही सारा जग है खाता !!

33 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ-समीर लाल ’समीर’

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  2. प्रकाशोत्सव के महापर्व दीपादली की हार्दिक शुभकानाएँ।

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  3. बहुत सुन्दर. दीपोत्सव की मंगलकामनाएँ !!
    नई पोस्ट : कुछ भी पास नहीं है
    नई पोस्ट : दीप एक : रंग अनेक

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  4. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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  5. बहुत सुन्दर रचना ... दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  6. सुंदर रचना !
    दीपावली की शुभकामनाएँ !

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  7. किसान तो अन्नदाता है -बहुत सुन्दर रचना |
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  8. खेतों में दीप जलाये कृषकों ने नई फसल के !
    दरिद्रता का घना अन्धेरा मिटा इसी के बल से !

    सुन्दर मनोहर।

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  9. नमस्कार !
    आपकी इस प्रस्तुति की चर्चा कल सोमवार [4.11.2013]
    चर्चामंच 1419 पर
    कृपया पधार कर अनुग्रहित करें |
    सादर
    सरिता भाटिया

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  10. शुभप्रभात
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    दीपावली की शुभकामनाएँ
    सादर

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  11. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय -
    दीप पर्व की ढेरों शुभकामनायें-

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  12. वाह वाह--- दीपावली की शुभकामनाएँ

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  13. बेहतरीन रचना। गांव, खेत और खलिहान का सुन्दर चित्रण।
    दीपोत्सव की शुभकामनाएं .

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  14. माटी और किसान को समर्पित दिवाली है .... बहुत बहुत शुभकामनायें ...

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  15. सुंदर रचना. हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  16. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  17. Ek Achhi Padya Rachna Ka Jikra Aapke Dwara. Is Tarah Ki Rachnayen Badi Hi Rochak Hoti Hai. Padhe Low Poems Aur प्यार की कहानियाँ

    Thank You For Sharing.

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  18. वाह!!! बहुत सुंदर !!!!!
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बधाई--

    उजाले पर्व की उजली शुभकामनाएं-----
    आंगन में सुखों के अनन्त दीपक जगमगाते रहें------

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  19. श्रम के दीप जलाकर लेकिन किसान प्रकाश है लाता !
    उसकी मेहनत प्रबल साधना से ही सारा जग है खाता !!
    सुंदर रचना ...

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  20. वाह ... अनुपम भावों का संगम ....
    दीपोत्‍सव की अनंत शुभकामनाएं

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  21. वाह...बहुत सुन्दर....बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@जब भी जली है बहू जली है

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  22. श्रम के दीप जलाकर लेकिन किसान प्रकाश है लाता !
    उसकी मेहनत प्रबल साधना से ही सारा जग है खाता !!

    बहुत सही
    आखिर किसान ही हैं जिनकी वजह से हमारे घर में खुशियां हैं
    सादर मंगलकामनाएँ !!

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