गुरुवार, 19 सितंबर 2013

हल निकलेगा

हल निकलेगा 

आज  नही  तो  कल  निकलेगा
 बातों  का  कुछ  हल  निकलेगा,
0-0-0-0
 बेईमानी   की   हाट - बजारों  में
  खोटा   सिक्का   चल  निकलेगा,
0-0-0-0
मंथन    में    सागर   के ,  पहले
 अमरित   नही   गरल  निकलेगा,
0-0-0-0
रस्सी   जलकर   राख   हो   गई
 मगर  न  उसका  बल  निकलेगा,
0-0-0-0
पकने    दो   यह   दर्द ,  धीर  के
 बनकर  गीत , गजल   निकलेगा,
0-0-0-0

52 टिप्‍पणियां:

  1. आशा है कि बस 'हल' 'निकल' जाए।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - शुक्रवार - 20/09/2013 को
    अमर शहीद मदनलाल ढींगरा जी की १३० वीं जयंती - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः20 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





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  3. कोई न कोई हल अवश्य निकलेगा.... सुन्दर प्रस्तुति ...

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  4. सुन्दर रचना और हाँ हल तो निकलेगा ही। आभार।।

    नई कड़ियाँ : मकबूल फ़िदा हुसैन

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  5. आशा है कि बस 'हल' 'निकल' जाए। बहुत खुबसूरत ग़ज़ल !!

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  6. खोटा ही चलता आया है
    खोटा सिक्का फिर
    चल निकलेगा

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  7. पता नहीं वो ''कल '' कब निकलेगा

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बुधवार (20-09-2013) "हिन्दी पखवाड़ा" : चर्चा - 1374 में "मयंक का कोना" पर भी है!
    हिन्दी पखवाड़े की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  9. खूबसूरत लेखन
    सार्थक अभिव्यक्ति
    सादर

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  10. वाह....
    बहुत बढ़िया...
    लाजवाब!!!

    सादर
    अनु

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  11. सुन्दर प्रस्तुति-

    आभार आदरणीय-

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  12. पकने दो यह दर्द , धीर के
    बनकर गीत , गजल निकलेगा,

    लाजवाब प्रस्तुति .....!!

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लागर्स चौपाल में शामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - शनिवार हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल :007 http://hindibloggerscaupala.blogspot.in/

    लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर ..

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  14. रस्सी जलकर राख हो गई
    मगर न उसका बल निकलेगा,
    0-0-0-0

    आजाने दो साल चौदह ,

    उनका उनका सारा छल निकलेगा ,

    उत्तर देंहटाएं
  15. आजाने दो साल चौदह ,

    दंगों का भी हल निकलेगा ,

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  16. हल निकलने की आस में ही बैठे है :)

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  17. आज की विशेष बुलेटिन एल्जाइमर्स डिमेंशिया और ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

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  18. खोटा सिक्का चल निकलेगा

    sach me khote sikke hi chal nikle hain .sarthak prastuti .aabhar

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  19. रस्सी का बल तो नहीं निलकने वाला ... पर समस्या का हल जरूर निकलेगा ... आशा वान होना जरूरी है ...

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  20. पकने दो यह दर्द , धीर के
    बनकर गीत , गजल निकलेगा,

    वाह बहुत सुन्दर भाव

     आंधी

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  21. मंथन में सागर के , पहले
    अमरित नही गरल निकलेगा,

    बहुत सुन्दर ...

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  22. ​बहुत सुंदर रचना।

    मंथन में सागर के , पहले
    अमरित नही गरल निकलेगा,​

    --
    सादर,
    शिवेंद्र मोहन सिंह

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  23. “अजेय-असीम{Unlimited Potential}”-
    sarthak lekhan,
    आज नही तो कल निकलेगा
    बातों का कुछ हल निकलेगा,........bahut hi positive lines,

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  24. हल निकलने का ही तो इंतजार है...

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  25. हर एक समस्या का हल तो निकलता ही है ,चाहे देर सवेर ही सही। बहुत सुन्दर प्रस्तुती है।

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  26. पकने दो यह दर्द , धीर के
    बनकर गीत , गजल निकलेगा,

    वाह बहुत सुन्दर

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  27. वाह मन को छू गयी
    बहुत सुंदर----

    सादर

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  28. पकने दो यह दर्द , धीर के
    बनकर गीत , गजल निकलेगा,
    प्रशंसनीय रचना - बधाई
    कविता मंच पर .... बहुत दिनों में आज मिली है साँझ अकेली :)

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  29. अति सुंदर
    पकने दो यह दर्द , धीर के
    बनकर गीत , गजल निकलेगा,

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  30. बहुत ही बेहतरीन..
    काश | हर चीज का हल निकलता जाये तो फिर क्या बात होगी..:-)

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  31. आज नही तो कल निकलेगा
    बातों का कुछ हल निकलेगा,
    उम्मीद पे दुनिया कायम है। बहुत सुंदर गज़ल।

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  32. बेईमानी की हाट - बजारों में
    खोटा सिक्का चल निकलेगा

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,