शनिवार, 3 अगस्त 2013

तस्वीर नही बदली

तस्वीर नही बदली

मै  नहीं  बदला  मेरी  ये  पीर  नही  बदली
 मेरे  दिल  से  उनकी  तस्वीर  नही  बदली,

ले  गई  जुदा  करके  दौलत - ऐ  ख्वाहिस
   मै आज  भी  वही  हूँ, तकदीर  नही बदली,  

बस है  खिजा, बीरानियाँ,और उनकी यादें
 लब पर मोहब्बत  की  ताबीर  नही बदली,

लेने आ गई दर पे  मौत  मुझे खुद चलकर
 धीर ने वो  मोहब्बत की लकीर नही बदली,

dheerendra,"dheer"





  

54 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर पोस्ट
    आभार आप का
    सादर

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  2. बस है खिजा, बीरानियाँ,और उनकी यादें
    लब पर मोहब्बत की ताबीर नही बदली,

    मेरे दिल के करीब नहीं दिल में बसी धीर **********

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  3. आप बहुत अच्छे हैं बदलने की जरूरत भी नहीं है !

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  4. न हम बदले न वो बदला.....
    बहुत बढ़िया ग़ज़ल......


    सादर
    अनु

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  5. आपकी यह उत्कृष्ट रचना कल रविवार , दिनांक ४ अगस्त को ब्लॉग प्रसारण http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की जा रही है .. कृपया पधारें
    साभार सूचनार्थ

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  6. आदरणीय धीर जी, शानदार गज़ल के लिए बधाई.......

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  7. लाजवाब गजल........शानदार........बहुत सुंदर

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  8. बहुत खुबसूरत ग़ज़ल!!!
    बढ़िया प्रस्तुति !!

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  9. वाह , बहुत सुंदर





    यहाँ भी पधारे

    गजल
    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/08/blog-post_4.html

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  10. शायद वे कह रही हैं जिनकी तस्वीर नही बदली
    कि आप नही बदलें और वे भी नही बदलीं ।

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  11. बहुत नाजुक ख्याल |बढ़िया प्रस्तुति |
    आशा

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  12. मै नहीं बदला मेरी ये पीर नही बदली
    मेरे दिल से उनकी तस्वीर नही बदली,
    बहुत सुंदर ...

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  13. गहरी बातें व्यक्त करती पंक्तियाँ

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  14. दोस्तों,,,तबियत न ठीक न होने के कारण इलाज के लिए बाहर जा रहा हूँ,,
    इसी तरह स्नेह बनाए रखे,,आभार

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    1. जल्द ही स्वस्थ हों,
      ढेर सारी शुभकामनाएं

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    2. आपके शीघ्र स्वास्थ लाभ के लिये प्रार्थना करेंगे !

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    3. बहुत जल्दी स्वस्थ होकर लौट आइये -आपको हम मिस करेंगे

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  15. ले गई जुदा करके दौलत - ऐ ख्वाहिस
    मै आज भी वही हूँ, तकदीर नही बदली, ........ बहुत सुंदर.
    जल्द ही स्वस्थ हों,
    ढेर सारी शुभकामनाएं

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  16. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..

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  17. आपकी हर गजल कुछ नया एहसास जगाती है...
    आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा... यकीनन...

    बहुत सुंदर प्रस्तुति :)

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  18. गहरा एहसास लिए प्रेम की गज़ल ...
    बहुत उत्तम ...

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  19. लाजवाब गजल..... बहुत सुंदर.

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  20. वो मुहब्बत की लकीर नहीं बदली .....
    कुछ उदास मगर खूबसूरत एहसास

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  21. मै आज भी वही हूँ, तकदीर नही बदली,

    वाह ..

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  22. मै नहीं बदला मेरी ये पीर नही बदली
    मेरे दिल से उनकी तस्वीर नही बदली,
    खुबसूरत गजल !!

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  23. बहुत ख़ूबसूरत प्रस्तुति...

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  24. बढ़िया लिखा है धीर साहब बहुत बहुत बढ़िया। ॐ शान्ति।

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  25. bahut khub.......behtareen
    Eid Mubarak..... ईद मुबारक...عید مبارک....

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  26. आपकी इस प्रस्तुति को शुभारंभ : हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ ( 1 अगस्त से 5 अगस्त, 2013 तक) में शामिल किया गया है। सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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  27. बेहद उम्दा गजल !शुभकामनायें !

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  28. मै नहीं बदला मेरी ये पीर नही बदली
    मेरे दिल से उनकी तस्वीर नही बदली,
    ...............खुबसूरत गजल !!

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  29. वाह बहुत खुबसूरत ग़ज़ल,,,

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  30. ले गई जुदा करके दौलत - ऐ ख्वाहिस
    मै आज भी वही हूँ, तकदीर नही बदली, ........ बहुत सुंदर गजल

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,