शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

जिन्दगी.

जिन्दगी
जिन्दगी सिर्फ दो अक्षरों की कहानी है
  एक  साँस  आनी है  एक साँस जानी है, 
 
मृत्यु समय धन दौलत याद नही आती
 याद आता है  तो सिर्फ एक घूँट पानी है  

ऋषि मुनियों  ने इस सत्य  को जाना है
 छिपे इस  गूढ़ मूल  तत्व को पहचना है
,

उन्होंने  हमे   कुछ  सुंदर  सन्देश  दिए
 सुख  शान्ति  से  जीने  के उपदेश  दिए, 
 
पंचतत्व से बने है  हम हमको बतलाया
  क्या  हो ढंग  जीने का  हमें  सिखलाया, 

शीतल  हवा  सा  गगन में  बहना सीखो
 निर्मल  जल  सा  थल  में  रहना  सीखो, 
 
  सीखो  तुम  मन  का  विस्तार गगन से  
 सीखो   तुम    तेज   अपार   अग्नि   से, 
 
धरा    से   भार     का    सहना    सीखो
 सदैव     उदार     तुम     रहना    सीखो, 

 जिन्दगी  इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है 
 एक  साँस  आनी है  एक  साँस जानी है,


रचनाकार  -  श्याम श्री वास्तव "रोहित"
F - 16, तुलसी नगर , भोपाल
मोबाईल न० -  8823051774

46 टिप्‍पणियां:

  1. आशा है आप स्वास्थ लाभ कर रहे होंगे !
    एक सुंदर रचना से रुबरु कराने के लिये आभार !

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  2. जिंदगी के गुढ़ रहस्य से परिचय कराती रचना... बहुत सुंदर...

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  3. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,

    बहुत सुंदर कविता से रूबरू कराया धीर जी । रोहित जी को बधाई इस सुंदर रचना के लिये ।

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  4. शुभप्रभात
    बहुत सुंदर पोस्ट
    आशा है आप स्वास्थ लाभ कर रहे होंगे !
    सुंदर रचना से रुबरु कराने के लिये आभार !

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  5. सात्विक सत्य ,सुन्दर रचना ,धन्वाद

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  6. सच कहा, और एक हम हैं कि किले बनाते रहते हैं।

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  7. आपकी यह रचना आज शनिवार (10-08-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  8. सच से रूबरू हुए …. टिप्पणियों से पता चला कि आपकी तबियत खराब रही। स्वास्थ्य के लिए शुभ कामनाएं।

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  9. इस जिंदगी का सच भी और झूठ भी

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  10. बहुत ही यथार्थ-परक लेखन |
    खूबसूरत दर्शन |
    पढ़िए.... मेरा सकारात्मक,उर्जादायी व मानसिक,शारीरिक आध्यात्मिक स्वास्थ्यवर्धक ,आडियो युक्त ब्लॉग -
    “http://drakyadav.blogspot.in/ "

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  11. प्रकृति के माधयम से संदेश देती सुंदर रचना । बधाई !

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  12. मृत्यु समय धन दौलत याद नही आती
    याद आता है तो सिर्फ एक घूँट पानी है
    saty kaha hai aabhar aur badhai
    श्याम श्री वास्तव "रोहित" ji ko sarthak rachna
    ke liye !

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  13. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (11-08-2013) के चर्चा मंच 1334 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

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  14. पंचतत्वों की कहानी....बहुत खूब

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  15. SUNDAR RACHNAA HAI


    बढ़िया प्रस्तुति है।

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  16. धरा से भार का सहना सीखो
    सदैव उदार तुम रहना सीखो, ..

    जीवन दर्शन से भरपूर सभी छंद ... लाजवाब ...

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  17. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,
    Nice

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  18. बहुत ही सुन्दर सीख,उत्कृष्ट रचना , आशा है आप स्वस्थ लाभ कर रहे हैं .
    latest post नेताजी सुनिए !!!
    latest post: भ्रष्टाचार और अपराध पोषित भारत!!

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  19. बहुत बढ़िया रचना...
    साझा करने का शुक्रिया..

    सादर
    अनु

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  20. बहुत खूबसूरत लिखा है , शानदार अभिवयक्ति

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  21. अति सुंदर अभिव्यक्ति...

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  22. बहुत सुन्दर रचना,साझा करने का शुक्रिया.

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  23. जीवन के सत्य को परिभाषित करती सुंदर रचना ... आभार पढ़वाने के लिए ।

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  24. जिन्दगी सिर्फ दो अक्षरों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,

    जीवन का सत्य तो यही है. सुंदर भाव एवं प्रस्तुति.

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  25. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,
    nice

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  26. बहुत ही सुंदर रचना छाँट कर लाये हैं आप ...आभार

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  27. आभार आपका और श्याम जी का , अच्छी रचना पढवाने के लिए

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  28. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,

    अच्छी रचना पढवाने के लिए आभार*****

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  29. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,

    ... रोहित जी को बधाई इस सुंदर रचना के लिये ।

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  30. jindagee ke goodh rahsyon jo bismrit ho gaye hain hamaree is peedhee se use phir se yaad dilatee rachna ke madhyam se shandaar prayas ..saadar badhaaayee ke sath

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  31. अच्छी रचना पढवाने के लिए आभार*****

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  32. जिन्दगी इन्हीं पंचतत्वों की कहानी है
    एक साँस आनी है एक साँस जानी है,

    ... रोहित जी को बधाई इस सुंदर रचना के लिये ।

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