गुरुवार, 7 मार्च 2013

रंग गुलाल है यारो,



रं गुलाहै यारो,

सिर्फ ये पापी पेट का सवाल है यारों 
शेष सब कुशल और खुशहाल है यारों,


जूझते है सुबह - शाम रोटी के लिए  
मगर चेहरे पर नहीं मलाल है यारों .

रोज अपनी होली है रोज है दिवाली 
सबके चेहरे पर रंग गुलाल है यारों ,


मन हमारा महल वालों से भी ऊँचा  
धन से भले ही हम फटेहाल है यारों

फ़र्ज़ इन्सानियत का हम जानते हैं 
नमकहराम नही नमकहलाल है यारों,


देश की खातिर मर-मिट जाने वाले
अपनी ही जान के हम दलाल है यारों,

कितनी ही आफतों से गुजरा फिर भी  

धीर सलामत,खुदा का कमाल है यारों, 

dheerendra,"dheer"

61 टिप्‍पणियां:

  1. फाल्गुन महीने में अपने रंग बिखेरती सुन्दर सतरंगी रचना !!

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  2. खूब है.. होली का रंग अभी से चढ़ रहा है..

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  3. फ़र्ज़ इन्सानियत का हम जानते हैं
    नमकहराम नही नमकहलाल है यारों,

    उत्कृष्ट प्रस्तुति भाई साहब .

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  4. उड़े रंग,खिले चेहरा,रोज़ होली हो
    रहे धीर सलामत,करे ख़ुदा यारो!

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  5. बहुत ही सुन्दर सतरंगी प्रस्तुति,सादर आभार.

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  6. देश की खातिर मर-मिट जाने वाले
    अपनी ही जान के हम दलाल है यारों,

    कितनी ही आफतों से गुजरा फिर भी
    धीर सलामत,खुदा का कमाल है यारों , वाह बहुत खूब

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  7. वाह जी वाह...क्या कहने!
    बहुत शानदार ग़ज़ल है यह तो!

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  8. फ़र्ज़ इन्सानियत का हम जानते हैं
    नमकहराम नही नमकहलाल है यारों,
    बहुत खूब ! उम्दा अभिव्यक्ति !!

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  9. वहा बहुत खूब बेहतरीन

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    तुम मुझ पर ऐतबार करो ।
    <a

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  10. कितनी ही आफतों से गुजरा फिर भी
    धीर सलामत,खुदा का कमाल है यारों,
    khuda ka yah kamal bana rahe ...sundar rachna !

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  11. अरे वाह-
    जोरदार गजल-
    कैसे छूट गई थी मुझसे-
    शुभकामनायें आदरणीय-

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  12. बहुत बढिया गज़ल धीर जी ।

    ये खुदा का कमाल ही है जो आम आदमी फिर भी जी रहा है ।

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  13. रोज अपनी होली है रोज है दिवाली
    सबके चेहरे पर रंग गुलाल है यारों ...
    -------------------------------
    उड़े गुलाल धीर साहब के साथ ...

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  14. बहुत बढ़िया शानदार प्रस्तुति आदरणीय धीर जी

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  15. देश की खातिर मर-मिट जाने वाले
    अपनी ही जान के हम दलाल है यारों,
    वाह !बहुत खूब कहा है यह शेर.

    अच्छी गज़ल.

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  16. बहुत खूब ......बहुत खूबसूरती से आपने
    होली के रंग बिखेरे हैं..................
    साभार..........



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  17. मन हमारा महल वालों से भी ऊँचा
    धन से भले ही हम फटेहाल है यारों,

    वाह! बहुत सुन्दर.
    सादर
    नीरज'नीर'

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  18. जूझते है सुबह - शाम रोटी के लिए
    मगर चेहरे पर नहीं मलाल है यारों .

    बहुत बढ़िया भाव

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  19. वाह!वाह! धीर sir कमाल जी ,कुछ मेरी तरफ से भी .....

    बसंती हवा लेकर फाल्गुन जो आया
    'धीर'जी ने भिखेरा गुलाल है यारो !
    गुलाल की 'सरिता'आप भी बहाओ
    आया है होली का त्यौहार ओ यारो

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  20. जिंदगी सही में कितने रंगों से रंगी है
    बेहतरीन ....

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  21. कितनी ही आफतों से गुजरा फिर भी
    धीर सलामत,खुदा का कमाल है यारों , -- बहुत खूब
    latest postमहाशिव रात्रि
    latest postअहम् का गुलाम (भाग एक )

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  22. फागुनी रंग बिखेरती सुन्दर रचना... आभार

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  23. भावप्रवण उम्दा प्रस्तुति |
    आशा

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  24. जीवन और होली दोनों के रंगों से लबरेज़ खूबसूरत प्रस्तुति...

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  25. धीर सलामत रहे ..
    सलामत रहेगा !

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  26. खूबसूरती से आपने फागुनी रंग बिखेरे हैं...

    शानदार प्रस्तुति.

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें.

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  27. बहुत खूब ....हरेक शेर एक से बढ़कर एक ...वाह

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  28. बहुत खूब ....हरेक शेर एक से बढ़कर एक ...वाह

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  29. वाह आदरणीय सर वाह शब्दों के रूप में रंगों की सुन्दर होली हार्दिक बधाई

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  30. रोज अपनी होली है रोज है दिवाली
    सबके चेहरे पर रंग गुलाल है यारों ,..

    वाह ... बहुत ही रंग बिरंगी राक्स्हना ... गुलाल बिखे दिया आपने ...
    लाजवाब ...

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  31. वहा बहुत खूब बेहतरीन ,,,,,,

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  32. सुन्दर रंगीन रचना फ़र्ज़ इन्सानियत का हम जानते हैं
    नमकहराम नही नमकहलाल है यारों,

    देश की खातिर मर-मिट जाने वाले
    अपनी ही जान के हम दलाल है यारों,

    कितनी ही आफतों से गुजरा फिर भी
    धीर सलामत,खुदा का कमाल है यारों,

    उत्तर देंहटाएं
  33. मन हमारा महल वालों से भी ऊँचा
    धन से भले ही हम फटेहाल है यारों,

    फ़र्ज़ इन्सानियत का हम जानते हैं
    नमकहराम नही नमकहलाल है यारों,


    बेहद खूबसूरत गज़ल....हर शेर उम्दा....एक से बढकर एक......

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  34. देश की खातिर मर-मिट जाने वाले
    अपनी ही जान के हम दलाल है यारों,

    ..हर शेर उम्दा

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  35. होली पर बहुत अच्छी रचना ,,,,बधाई

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  36. खुदा का कमाल है यारों...........ओर बंदा ये बेमिसाल हे यारो




    होली पर बहुत अच्छी रचना

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