गुरुवार, 22 नवंबर 2012

प्यार न भूले,,,

प्यार न भूलें,

 हम  भूलें  तो  नफरत  को, मगर  प्यार  न  भूलें,  
  निरादर  को  भुला  दें , मगर   सत्कार   न  भूलें!   

 ये  जीवन  की  हकीकत है,कैसे  इसको  बचाएगें, 
जो  बीजेगें  वो  काटेगें,जो  हम  देगें वही  पायेगें! 

नेकियों  को सम्हाले हम ,वदी  की राह को छोड़ें, 

 ये गुरबत  नही  सिखाती है,किसी  का दिल तोडें!  

बातें गुरुजन जो सिखाएं,हम उसका सार न भूलें,
भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!


ये  इंसाफ  है  कुदरत  का ,इसे  सरकार  न  भूलें ,

dheerendra bhadauriya

52 टिप्‍पणियां:

  1. नेकियों को सम्हाले हम ,वदी की राह को छोड़ें ,
    ये गुरमत नही सिखाती है,किसी का दिल तोडें!
    बहुत ही बढिया।

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  3. नेकियों को सम्हाले हम ,वदी की राह को छोड़ें ,

    ये गुरमत नही सिखाती है,किसी का दिल तोडें!

    बढ़िया नेक नीयति की रचना है .

    नेकी पर चलें और बदी से बचें यही सार है रचना का (ये ग़ुरबत नहीं सिखाती ,गुरमत गुरु की सीख भी हो सकती है ).

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  4. प्यार का पाठ पढ़ाती!
    बहुत सुन्दर और शिक्षाप्रद रचना!

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  5. इस पृथ्वी पर सबसे अमीर और सौभाग्यशाली वो ही है जिसके पास एक बेपनाह मोहब्बत करने वाला होता है , अन्यथा सारे भौतिक सुख फीके होते हैं !

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  6. नेकियों को सम्हाले हम ,वदी की राह को छोड़ें,
    ये गुरबत नही सिखाती है,किसी का दिल तोडें! ......... सुन्दर अभिव्यक्ति..

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  7. नेकियों को सम्हाले हम ,वदी की राह को छोड़ें,
    ये गुरबत नही सिखाती है,किसी का दिल तोडें!
    आदरणीय धीरेन्द्र जी बहुत सुन्दर सन्देश काश ऐसा ही हो जाए समाज बन जाए ...बधाई
    भ्रमर 5

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  8. हम भूलें तो नफरत को, मगर प्यार न भूलें,
    निरादर को भुला दें , मगर सत्कार न भूलें!
    sahi kaha sundar ...

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  9. बेहतरीन सारपूर्ण काव्य रचना !!

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  10. आहा क्या बात है सर बेहतरीन प्रस्तुति

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  11. बहुत बढ़ियाँ....
    भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!
    :-)

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  12. ये इंसाफ है कुदरत का ,इसे सरकार न भूलें ,

    बहुत सही कहा है...आभार!

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  13. बातें गुरुजन जो सिखाएं,हम उसका सार न भूलें,
    भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!

    इन्हीं दो पंक्तियों में तो सार बात है।
    अच्छी रचना।

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  14. "जो बीजेगें वो काटेगें" - सत्य वचन, कोई दो राय नहीं

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  15. बातें गुरुजन जो सिखाएं,हम उसका सार न भूलें,
    भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!

    बहुत बढ़िया |

    कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?

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  16. प्यार है,तभी संबंध। संबंध हैं,तभी संसार।

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  17. बहत ठीक कहा है |अगर प्यार भूल जाएंगे तो रह ही क्या जाएगा |बढ़िया प्रस्तुति |

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  18. सारगर्भित संदेश देती बहुत सुंदर रचना...

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  19. तय तो बहुत कुछ है पर उस मुकाम तक पहुँचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है..
    उपरोक्त पंक्तियाँ बहुत सार्थक लगीं..

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  20. भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!

    सही कहा धीर जी ।

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  21. नेकियों को सम्हाले हम ,वदी की राह को छोड़ें,
    ये गुरबत नही सिखाती है,किसी का दिल तोडें!
    बहुत खूब धीरेन्द्र जी.

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  22. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (25-11-2012) के चर्चा मंच-1060 (क्या ब्लॉगिंग को सीरियसली लेना चाहिए) पर भी होगी!
    सूचनार्थ...!

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  23. सुंदर नसीहतें।
    सादर-
    देवेंद्र
    मेरी नयी पोस्ट - विचार बनायें जीवन.....

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  24. काश हर किसी की सोच ऐसी ही होती ....बहुत खूब

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  25. जो प्‍यार को भूल गया वह मानव नही होता आपकी यह रचना ज्ञानवर्धक के साथ साथ नेक पथ पर चलने की प्रेरणा देती हुयी रचना

    फेसबुक थीम को बदले

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  26. बहुत सुन्दर भाव से परिपूर्ण रचना इस दुनिया में प्यार से बड़ी कोई पूँजी नहीं होती बस उसे संभाल कर रखें अपने दिल से बाहर न जाने दें बहुत बधाई आपको

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  27. न जाने क्यों ...फिर भी प्यार भुला दिया जाता है ..नफ़रत को जिन्दा रखने के लिए ???
    बहुत खुबसूरत रचना !
    बधाई!

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  28. बहुत सुन्दर रचना ..काश हर कोई याद रखता इन चीजों को|
    ...आभार

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  29. बहुत खूबसूरत, लाजवाब रचना ।

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  30. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

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  31. बातें गुरुजन जो सिखाएं,हम उसका सार न भूलें,
    भूले हर बात दुनिया की,आपस का प्यार न भूलें!..सुन्दर !!

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  32. सारगर्भित संदेश देती बहुत सुंदर रचना...

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  33. बहुत संदर संदेश देती कवि‍ता...

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  34. बहुत उम्दा बधाई भदौरिया जी |

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