शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

समय की पुकार है,



समय की पुकार है,

दिल से बने विशाल समय की पुकार है,
साराजहाँ रहे खुशहाल देश की पुकार है!

छोटी-छोटी बातों से झगडें मत बढाइये,
मुस्करा,टाल दे हाल समय की पुकार है!

मिलकर रह सकते है,फिर भी रहते नही,
करना हल सवाल है, समय की पुकार है!

हिंदू-मुस्लिम सब भाई प्रीत प्यार से रहे,
भाई-चारा हो हर हाल समय की पुकार है!

प्रभु ने हर दम सबको प्यार ही सिखाया है,
प्यारसे हो जग निहाल समय की पुकार है!

जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!

        
        dheerendra,"dheer"         

57 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अद्भुत अहसास...सुन्दर प्रस्तुति .पोस्ट दिल को छू गयी.......कितने खुबसूरत जज्बात डाल दिए हैं आपने..........बहुत खूब,

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  2. समय की पुकार सुनता ही कौन है...........? सुंदर प्रस्तुति.

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  3. जिन्दगी में "धीर" ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी मिसाल दें,यह समय की पुकार है!

    बधाई एवं मंगलकामनाएं !

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  4. जरुरत है कि समय की पुकार को सुना जाए !! अच्छी रचना

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  5. वाकई समय की यही पुकार है यदि कोई सुन सके|

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  6. जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!
    हाँ यही लक्ष्य हो जीवन का जब हम जाए ,हम मुस्काएं लोग रोएँ .

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  7. बड़ी है धारदार ...आज के समय की पुकार !
    शुभकामनाएँ!

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  8. करवाचौथ की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (03-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!

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  9. जिंदगी में धीर ऐसे काम कर जाये सब आपकी दे मिसाल समय की पुकार है ।

    बहुत बढिया ।

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  10. समय की पुकार....सुन लें सभी....

    बहुत बढ़िया
    सादर
    अनु

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  11. काश! हर कोई सुने इस समय की पुकार को
    बड़ी सटीक कविता।

    बढ़ाई स्वीकारें !!

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  12. जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!
    सादर ...

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  13. जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!

    वाह !!!!!!!!!!!

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  14. वाह धीरेन्द्र सर क्या बात है बेहद सुन्दर रचना बधाई स्वीकारें सर

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  15. कारे कृपण करेज कुछ, काटे सदा बवाल ।

    इसीलिए तो बुरे हैं, भारत माँ के हाल ।

    भारत माँ के हाल, हाल में घटना देखा ।

    चोरों की घट-चाल, रेवड़ी बटना देखा ।

    जाओ तनिक सुधर, समय नित यही पुकारे ।

    चिंदी चिंदी होय, धरा दुष्टों धिक्कारे ।।

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  16. क्या बात है धीरेंद्र जी
    बहुत सुंदर

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  17. उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  18. बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
    बधाई

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  19. बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
    बधाई

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  20. छोटी-छोटी बातों से झगडें मत बढाइये,
    मुस्करा,टाल दे हाल समय की पुकार है! ... sahi kathan

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  21. समय की पुकार काश ईश्वर सुन ले।

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  22. वाह जी बहुत खूबसूरत पेशकश .......

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  23. इस समय समय की पुकार को सुनकर भी अनसुनी कर देने वाले ज्यादा हो गये हैं ,या जानबूझ कर नही सुनते.

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  24. सार्थक विचारों के साथ बहुत सुन्दर रचना बधाई स्वीकारें...

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  25. बहुत सुन्दर रचना।वाह क्या बात है।

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  26. bahut खूब .. दीपावली की बधाई

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  27. अत्यंत सुदर और पावन भाव लिए सुंदर रचना ! बधाई !

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  28. अर्थपूर्ण पंक्तियाँ...यही समय की पुकार है....

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  29. जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!
    बहुत सही।। सार्थक सन्देश देती रचना।।
    आभार
    मधुरेश

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  30. इस प्रेरक रचना के लिए आभार।

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  31. आपने जो विचार यहा कहे हे वास्‍तव मे इन पर चलकर ही हम एक सुन्‍दर भारत का निमार्ण कर सकते है

    यूनिक ब्लॉग---------जीमेल की नई सेवा

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  32. कालीखो से घिरे दीप को न देख
    इस लौ को थोड़ा और जगमगाने दे,

    दबी हुई थी हवा, अब बहक गई है
    रोक मत कदम बहक जाने दे।

    ये गरम हवा का झोका ही सही,
    दिलो में जमे बर्फ तो गलाने दे।

    हर रोज एक नई तस्वीर छपती है
    थक जाय नैन पर उसे निहारने दे।

    जो ढूंडते अब एक अदद जगह
    रौशनी से उनका चेहरा तो नहाने दे।

    न्याय की तखत पे बैठे है जो
    उनके बदनीयत की बैशाखी अब हटाने दे।

    दिलो में घुट रही है धुआ लोगो के
    इन्ही चिंगारी से आशियाना जलाने दे।

    जो भीर रहे शासक से, सिरफिरे ही सही
    नियत से क्या हकीकत तो जान लेने दे।

    परे हुए गर्द कानो के अब हटाने का समय है
    सुनो अंजान न बन ये समय की पुकार है।

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  33. प्रभु ने हर दम सबको प्यार ही सिखाया है,
    प्यारसे हो जग निहाल समय की पुकार है!

    मार्ग दर्शन करता सुंदर गीत. बहुत खूब.

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  34. हिंदू-मुस्लिम सब भाई प्रीत प्यार से रहे,
    भाई-चारा हो हर हाल समय की पुकार है!
    बिल्कुल सही, यह समय की पुकार है।

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  35. जिन्दगी में "धीर"ऐसे काम करके जाइये,
    आपकी सब मिसाल दे,समय की पुकार है!

    आपकी रचना की सब मिसाल दे ,समय की पुकार है .... (*_*)

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  36. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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    1. आज के समय की यही पुकार है,,,,,सुंदर उत्कृष्ट प्रेरक रचना,,,,,,लिखते रहिये बधाई,,,,

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  37. काश समय की इस पुकार को, देश-मनुज सुन लेता।
    जिनके बलिदानों से है यह निर्मित,उन आत्मा को सुख मिलता।

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  38. मिलकर रह सकते है,फिर भी रहते नही,
    करना हल सवाल है, समय की पुकार है!

    प्रेरक रचना

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  39. सभी अगर समय की इस पुकार को
    सुन ले तो देश का भविष्य सुन्दर हो जायेगा....
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..
    :-)

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  40. यह सारे सबक याद करना ज़रूरी है...हम सभी ए लिए.

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  41. आपकी रचना की सब मिसाल दे ,समय की पुकार है ....

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  42. आदरणीय धीरेन्द्र सिंह जी
    नमस्कार
    .... समय की पुकार
    बहुत बढ़िया

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  43. आपकी चर्चा मेरे ब्लॉग पर भी है

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,