सोमवार, 17 सितंबर 2012

फिर मिलने का...



फिर मिलने का....

बाद मुद्दत के मिले हो
चलो कुछ दूर चले
खामोश रहे और बात करे
एहसासात को जिए
लम्हों को थामें
आँसू की बूँदें
आँखों में बांधें
कुछ पल ठहरें
दरख्तों के नीचे
चुपचाप निहारें
दर्द सवारें
फिर बारिश में भीगें
होठों से कोई
शिकवा शिकायत न करे
रुसवाई की भी
कोई चर्चा न करें
आओ फिर मिलने का
वायदा करें,...


dheerendra bhadauriya,,,

54 टिप्‍पणियां:

  1. चुपचाप निहारें
    दर्द सवारें
    फिर बारिश में भीगें
    ...........बहुत सुंदर पंक्तियाँ...यही तो प्यार है

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  2. आओ फिर मिलने का
    वायदा करें
    ...... अच्छी रचना...अंतिम पंक्तियाँ तो बहुत ही अच्छी लगीं !!!

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  3. अजब गजब अंदाज है, बात करें चुपचाप ।

    इक जगह पर हों खड़े, खुद की सुन पदचाप ।

    खुद की सुन पदचाप, गजब दीवानापन है ।

    बारिश में ले भीग, प्रेम रस का आसन है ।

    फिर मिलने की बात, आज मत करना भाई ।

    सही जाय न आज, कहीं से यह रुसवाई ।।

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  4. बहुत ही सुन्दर,प्यारी
    मनभावन रचना...
    :-)

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  5. फिर मिलने का....

    बाद मुद्दत के मिले हो
    चलो कुछ दूर चले(चलें )
    खामोश रहे(रहें ) और बात करे(करें )
    एहसासात को जिए(जिएँ )
    लम्हों को थामें
    आँसू की बूँदें
    आँखों में बांधें
    कुछ पल ठहरें
    दरख्तों के नीचे
    चुपचाप निहारें
    दर्द सवारें
    फिर बारिश में भीगें
    होठों से कोई
    शिकवा शिकायत न करे(करें )
    रुसवाई की भी
    कोई चर्चा न करें
    आओ फिर मिलने का
    वायदा करें,...


    ये मौसम है प्यार का ,
    यूं वक्त जाया न करें ,

    बाद मुद्दत के मिलें हैं ,
    इसका क्या शिकवा करें ,
    कब मिलेंगे फिर से ,
    आओ मिल दुआ करें .
    बढिया प्रस्तुति है .....

    बाद मुद्दत के मिले और इस तरह देखा इधर ,
    जिस तरह एक अजनबी पर अजनबी डाले नजर .
    रूठ कर जाते जिधर !
    प्यार के मौसम सभी आते उधर

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  6. बिछड़ने का समय काटना आसान हो जाता है।

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  7. बहुत ही सुन्दर प्यार भरी रचना...

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  8. वादा तो वादा है ... न टूटे तो बढियां sundar prastuti

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  9. बहुत सुंदर और कोमल भावनाओं की प्रस्तुति है | सच कहूं तो ये बातें दिल की हैं और आपने दिल गोपनीयता भंग कर दी sir|

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  10. आओ फिर मिलने का वादा करें.....
    और निभाएं वादा ,फिर से मिल कर.....

    बहुत सुन्दर..

    सादर
    अनु

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  11. अप्रतिम !
    कविता को जीवंत बनती कविता!

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  12. कोमल भावनाओं की खुबसूरत प्रस्तुति..

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  13. बहुत ही सुन्दर लिखा है धीरेंदर जी .... मिलने का वादा पर शिकवे शिकायतों के बिना.

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  14. बहुत सुन्दर जज्बातों की सजाई लडियां ...वाह

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  15. आओ !आओ न ,एक बार फिर उस व्यतीत को जी लें ,होंठ मिलें मुख से कुछ न बोलें,फिर मिलें ,न मिलें ?एक बार फिर उस एहसास को जी लें .
    कानों में होने वाले रोग संक्रमण का समाधान भी है काइरोप्रेक्टिक में
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

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  16. सुन्दर प्रस्तुति...
    लम्हों को थामें
    आँसू की बूँदें
    आँखों में बांधें
    कुछ पल ठहरें
    दरख्तों के नीचे
    चुपचाप निहारें
    दर्द सवारें
    फिर बारिश में भीगें...भाव भीनी.!!!

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  17. वाह !!!!! रेशमी एहसास, मखमली चाहतें और शबनमी मनुहार.........

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  18. बहुत सुन्दर रचना..

    दिल से जो भी मांगोगे वह ही मिलेगा, ये गणेश जी का दरबार है,
    देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को अपने हर भक्त से प्यार है..
    बोलो गणेश भगवान की जय ..
    मेरी ओर से आपको एवं आपके परिवार के सदस्यों को श्री गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सब को शुभ कामनाएं और प्रार्थना करता हूँ कि गणपति सब के मनोरथ सिद्ध करें एवं सबको बुद्धि, विद्या ओर बल प्रदान कर आप की चिंताएं दूर करें.....आप सबका सवाई सिंह आगरा

    आप सभी को गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं..सुगना फाउण्डेशन मेघलासियां

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  19. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

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  20. वादों के साथ ये मिलन भी होता रहे तो ऐसे वादे रोज हों ...
    बहुत खूब लिखा है ..

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  21. वाह ! जो बात खामोश रहकर की जाये व्ही असर करती है..

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  22. भावमय करती बहुत ही सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति....

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  23. होठों से कोई
    शिकवा शिकायत न करे
    रुसवाई की भी
    कोई चर्चा न करें

    बहुत खूब...भावपूर्ण रचना !!

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  24. बाद मुद्दत के मिले हो
    चलो कुछ दूर चले......lazabab.

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  25. सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति।

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  26. होठों से कोई
    शिकवा शिकायत न करे
    रुसवाई की भी
    कोई चर्चा न करें
    आओ फिर मिलने का
    वायदा करें,...
    speech less very nice

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  27. भावनाओं की खुबसूरत प्रस्तुति..,...!!!

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  28. बहुत ही सुन्दर प्यार भरी रचना..

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