मंगलवार, 4 सितंबर 2012

तुम जो मुस्करा दो,

तुम जो मुस्करा दो,

आसमां झुक जाएगा रुत भी बदल जायेगी,
जिंदगी को इक नई ताजगी मिल जायगी!

तुम जो मुस्करा दो,,,,

जिंदगी क्या फकत जाना है हमने आपसे,
तीरगी रातों को भी रौशनी मिल जाएगी!

तुम जो मुस्करा दो,,,,

खुशनुमा मौसम दीवाना कोयलों का कूकुहाना,
शब्जबागों को तुम्हारी दिलकशी मिल जायगी!

तुम जो मुस्करा दो,,,,

बहारे भी है शायराना और हवाऐ आशिकाना,
शबनमी रातों को भी चाँदनी मिल जायगी!

तुम जो मुस्करा दो,,,,

dheerendra bhadauriya,,,




60 टिप्‍पणियां:

  1. ग़जब....अब तो मुस्कराना ही पड़ेगा ।

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  2. तुम जो मुस्करा दो,
    बहारे भी है शायराना और हवाऐ आशिकाना,
    शबनमी रातों को भी चाँदनी मिल जायगी!

    बेह्तरीन अभिव्यक्ति .

    http://madan-saxena.blogspot.in/
    http://mmsaxena.blogspot.in/
    http://madanmohansaxena.blogspot.in/

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  3. फिर जब मुस्कुराने लगेगी तो पूछेंगे क्या ग़म है जिसको छुपा रहे हो........

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  4. नये प्रयोग के साथ बहुत उम्दा ग़ज़ल लिखी है आपने!

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  5. अब कोई कैसे रहे बिन मुस्कुराए....
    बहुत सुन्दर...

    सादर
    अनु

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  6. वाह !! मुस्कुराहट बिखेरती रचना...बहुत सुंदर !!

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  7. सुन्दर चित्रण .....अति सुन्दर मुस्कुराहट बिखेरती रचना !!!

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  8. bahut sundar bhaav ...muskurahat bikherate hue ...!!
    shubhkamnayen ..

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  9. तुम जो मुस्करा दो ,........
    मुस्कराने के प्रणय पर ,नगीना-ए-सिफ़त का मशविरा भी अगर मिलता तो टाट में पैबंद नहीं लगता , .....मित्र सरस भाव में सहृदयी रचना .....बहुत सुन्दर

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  10. आसमां झुक जाएगा रुत भी बदल जायेगी,
    जिंदगी को इक नई ताजगी मिल जायगी!

    तुम जो मुस्करा दो,,,,

    जिंदगी क्या फकत जाना है हमने आपसे,
    तीरगी रातों को भी रौशनी मिल जाएगी!
    बहुत खूब!

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  11. बड़ी खुशनुमां सी बेहतरीन गज़ल ! आनंद आ गया पढ़ कर !

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  12. जिंदगी को इक नई ताजगी मिल जायगी!

    बहुत बढ़िया

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  13. मुस्कुराना वाकई गजब ढा गया :
    बरसों से वो हमारे सामने
    मुस्कुराये तो जा रही हैं
    आता कुछ नहीं देखा मैने
    बहुत चीजें चली जा रही हैं !

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  14. मुस्कुराना ही जिंदगी है अपनी भी और दूसरों के लिए भी !

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  15. हँसो और हँसाओ । मेरे ब्लॉग पर भी पधारे - http://gyaan-sansaar.blogspot.com/ धन्यवाद ।

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  16. वो मुस्कुरा देन तो सुबह चल पड़े ... रात आ जाये ...
    बहुत खूब है हर शेर ...

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  17. यूँ भी जो तुम हंसोगे तो दुनिया हँसेगी .. रोवोगे तुम तो ना रोएगी दुनिया ...

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  18. मुस्कुराहट ही जीवन का सार है...बहुत सुन्दर

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  19. जिंदगी क्या फकत जाना है हमने आपसे,
    तीरगी रातों को भी रौशनी मिल जाएगी!.........वाह मुस्कारना नियामत है ..मुस्कराहट देती सुन्दर रचना

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  20. मुस्कराहट से मीठा तो कुछ भी नहीं |
    दिल का दर्पण है ये मुस्कुराते रहो ||

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  21. वाह बेहद खुबसूरत और उम्दा रचना

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  22. वाह बेहद खुबसूरत रचना ...मुस्कुराते रहो ||

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  23. एक मुस्कराहट पर इतनी खूबियाँ.
    काश ! ये मुस्कराहट हमें भी नसीब हो. आभार !!

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  24. बधाई ... मुस्कान बखेर दी आपने सब के चेहरों पर !

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  25. har sher dil ko chhoo gayaa....kamaal kar diyaa. badhai aapko....

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  26. आपके हर शेर दिल को छू रहे हैं. बरबस मुस्कान उभर आयी.. बधाई...

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  27. किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार , जीना इसी का नाम है.
    खूबसूरत मुस्कुराती हुई ग़ज़ल के लिए दिली दाद कबूल फरमायें.

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  28. तुम मुस्कुराओ तो प्यार आ जाए .....
    शुक्रवार, 7 सितम्बर 2012
    शब्दार्थ ,व्याप्ति और विस्तार :काइरोप्रेक्टिक

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  29. धीरेन्द्र जी कभी - कभी सोंचता हूँ की यदि यह " तुम " नहीं होती , तो दुनिया में क्या होता ? बेहद सुन्दर कविता |

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  30. सुन्दर कविता,प्रस्तुति,बेहतरीन अभिव्यक्ति..

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  31. बहुत सुंदर..मुस्कुराहट से बढकर कोई उपहार नहीं..

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  32. मुस्कराहट की ताक़त को खूब पहचाना है .....वाकई एक मुस्कराहट क्या नहीं कर सकती ..सुन्दर रचना !

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  33. आसमां झुक जाएगा रुत भी बदल जायेगी,
    जिंदगी को इक नई ताजगी मिल जायगी!
    umr ke padav me etani prabhavshali rachana aur pranay ka sundar rekhankan nishchay hi gagar me sagar ko samahit kr rhe hain ap ,,,,,,anant badhai ke patr hai sir, ,,

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  34. कल से मैंने अपना चौथा ब्लॉग "समाचार न्यूज़" शुरू किया है,आपसे निवेदन है की एक बार इसपे अवश्य पधारे और हो सके तो इसे फ़ॉलो भी कर ले ,ताकि हम आपकी खबर रख सके । धन्यवाद ।
    हमारा ब्लॉग पता है - smacharnews.blogspot.com

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  35. बहुत ही प्यारी रचना | कुछ दिनों तक बीच में ब्लॉग में न आ पाने के लिए क्षमा |
    आभार |

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  36. खुशनुमा मौसम दीवाना कोयलों का कूकुहाना,
    शब्जबागों को तुम्हारी दिलकशी मिल जायगी!

    क्या बात है !
    बेहतरीन रचना !

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  37. सुन्दर अंदाज़ में फरमाइश की है.वो अगर मुस्कुराएँ तो मेहनत वसूल हो जाएगी.

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  38. बहुत प्यारा गीत है
    साधुवाद.

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  39. बहुत सुंदर रचना ... एक मुस्कुराहट से क्या नहीं मिल जाता ।

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  40. सारा खेल ही इस ज़ालिम मुस्कराहट का है.. :)

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  41. अरे वाह! क्या कहने.

    अब तो मुस्कुरा ही दीजियेगा जी.

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  42. दिनांक 03/02/2013 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    फिर मुझे धोखा मिला, मैं क्या कहूँ........हलचल का रविवारीय विशेषांक .....रचनाकार--गिरीश पंकज जी

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  43. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण रचना |
    आशा

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  44. वाह||
    बेहद सुन्दर रचना...
    शानदार...
    :-)

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे लिए अनमोल है...अगर आप टिप्पणी देगे,तो निश्चित रूप से आपके पोस्ट पर आकर जबाब दूगाँ,,,,आभार,