9- नव का जलवा.......
नवमासा, नवग्रह, नवद्वार, नवमी, नवरात्री, नवरस, नवखंड, नवरत्न, नवधातु, नवनिधि,और कितने नाम है जो 9- की महत्ता को दर्शाते है|
नवमासा, नवग्रह, नवद्वार, नवमी, नवरात्री, नवरस, नवखंड, नवरत्न, नवधातु, नवनिधि,और कितने नाम है जो 9- की महत्ता को दर्शाते है|
नवमासा- गर्भ का नवां महीना नवमासा, कहलाता है|
नवग्रह- सूर्य,चंद,मंगल,बुध,गुरु,शुक्र,शनि,राहु केतु, भारतीय ज्योतिष के नवग्रह है|
नवद्वार- दोआंख, दो कान, दो नाक, मुख, गुदा,लिंग,मिलकर नवद्वार कहलाते है|
पुनीता,भगवानराम का जन्म भी नवमी तिथि को हुआ था|
नवरात्र - नवरात्र में पूजनीय नौ कुमारियाँ है,जिनमे इन नौ देवियों की कल्पना की जाती है
कुमारिका, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहणी, काली, चंडिका, शांभवी, दुर्गा, सुभद्रा,पुराण मत के
अनुसार नौ दुर्गाऐ नवरात्रि में पूजन होता है- शैलपुत्री, ब्रहाचारिणी, चंद्रघंटा ,कुष्मांडा, स्कन्दमाता,
कात्यायनी ,कालरात्री, महागौरी,और सिद्धिता|
नवरस- श्रींगार, करुण, हास्य, रौद्, वीर, भयानक, वीभत्स, अदभुत, शांत,- काव्य के अनुसार
ये नौ रस है|
नवखंड- भरत, इलावृक्ष, किंपुरुष, भद्र, केतुमाल, हरि, हिरण्य, रम्य, कुश,ये पृथ्वी के नवखंड है |
नवरत्न- हीरा, पन्ना, माणिक्य,मोती,गोमेद, लहसुनिया,पदमराग, मूंगा, नीलम,ये नौ रत्न ह|
नवधातु-सोना, चांदी, लोहा, सीसा, तांबा, रांगा, इस्पात, कांसा, कांतिलोहा, ये नवधातु है|
नवविष-वत्सनाम, हारिद्रक, सक्त्क, प्रदीपन, सौराष्ट्क, कालकूट, हलाहल, ब्रहमपुत्र, श्रगडक,
विष समुन्द्र मंथन से निकला था|
नवनिधि- पद्र्म, महापदम, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद, नील, वाच्य्र, कुवेर के खजाने की
नौ निधियां है|
dheerendra....
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