
मातृभूमि के अमर सपूतो,
अब ना तुम विलंब करो !
भारत माँ के सरहद पर,
शत्रु का तुम हनन करो !!
जनजन की आवाज यही,
भारत को आज बचाएगें !
हिंदू,मुसलिम,सिक्ख,इसाई,
सबको प्रेम का पाठ पढ़ाएगें!!
नई एकता की सोच को लेकर,
भारत का नव निर्माण करो!
प्रकृति ने एक संकेत दिया है,
देश का नया उत्थान करो!!
निज जीवन में खून तुम्हारा,
अर्पण यह बलिदान बनेगा!
मातृभूमि की जय जयकार,
सारा हिन्दुस्तान करेगा !!
dheerendra, bhadauriya