तेरी याद आ गई
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बरसात आई तो लगा कि बहार आ गई
तेरे इन्तजार में बसंत की बहार आ गई,
बरसात आई तो लगा कि बहार आ गई
तेरे इन्तजार में बसंत की बहार आ गई,
आइना जब भी देखूँ तो लगता है मुझे
पीछे से लगा जैसे आप मेरे पास आ गई,
मैंने दिल से चाहा तुझे उम्र भर तमाम
दस्तक दिए बगैर तेरी बारात आ गई,
बेचैनियाँ इतनी कि और क्या बताये धीर
बरसात आई ऐसी कि तेरी याद आ गई,
धीरेन्द्र सिंह भदौरिया "धीर"
