बुधवार, 29 फ़रवरी 2012

होली में ....


holi animated scraps, graphics
होली में

बहकी बहकी हर कली है होली में
महकी महकी हवा चली है होली में,

उन्मादों कि घटा घनेरी घिर आई
मलय पवन में चंवर झली है होली में,

अमरैय्या में कुहूँ कुहूँ करती कोयल
लगती मन को बड़ी भली है होली में,

रतन चुनरिया पिरियाई है सरसों की
चना चोली, गेंहू बाली है होली में,

रंग भरी पिचकारी स्नेह सौगात लिए
किसने क्या क्या चाल चली है होली में,

जीजाजी साली के गालो को छुकर
ढूढ़ रहे मिस्री कि डली है होली में,

नजर मिलाने तक से जो कतराती थी
वही पड़ोसन गले मिली है होली में,

भाभी देवर की मर्यादा को लेकर
घूंघट घूंघट बात चली है होली में,

पत्तों का नही पता अधर पर अंगारे
या कलमुंही टेसू जली है होली में,

कम्पित है क्यों लौ "धीर" की देहरी पर
फागुन इठलाती चली है होली में,
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--- DHEERENDRA,"dheer"

50 टिप्‍पणियां:

  1. ओ री हो री होरियां, चौराहों पर साज ।

    ताकें गोरी छोरियां, अघी अभय अंदाज ।

    दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक

    http://dineshkidillagi.blogspot.in

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  2. सुन्दर रंगबिरंगी रचना...
    आपको भी होली की शुभकामनाएँ सर .
    सादर.

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  3. रंबिरंगी रचना..
    kalamdaan.blogspot.in

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  4. bahut hi sundar holi ka aagaj hai
    likhne ka kaisa addbhut andaaj hai.

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  5. आशायें, हवाओं में लहरा रही हैं, होली में..

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  6. उत्तर
    1. नजर मिलाने तक से जो कतराती थी
      वही पड़ोसन गले मिली है होली में,
      वाह साहब! होली का रंग जमा दिया आपने. बहुत ही सुन्दर कविता. लगा जैसे रंगों से सरोबार और भांग पी कर कहीं आपको प्रत्यक्ष सुन रहे हों.
      बसंती रंग में रंगी होली के इस शुभावसर पर आपको होली की वधाई और बहुत बहुत आभार.

      हटाएं
  7. नजर मिलाने तक से जो कतराती थी
    वही पड़ोसन गले मिली है होली में,

    वाह साहब! होली का रंग जमा दिया आपने. बहुत ही सुन्दर कविता. लगा जैसे रंगों से सरोबार और भांग पी कर कहीं आपको प्रत्यक्ष सुन रहे हों.
    बसंती रंग में रंगी होली के इस शुभावसर पर आपको होली की वधाई और बहुत बहुत आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  8. खूबसूरत रंगों से भरी..फागुनी रचना...

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  9. निःसंदेह यह एक श्रेष्ठ रचना है।

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  10. वाह रे होली....
    न चले बिना बात की गोली...
    सुंदर है बड़े भाई ... होली की बधाई

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  11. .



    नजर मिलाने तक से जो कतराती थी
    वही पड़ोसन गले मिली है होली में

    आहाऽऽहाऽऽऽ… होली से हफ़्ते भर पहले यह आलम है तब होली के दिन क्या होगा :)

    पूरी रचना आनंदित कर गई … आभार और बधाई आदरणीय धीरेन्द्र जी !

    हार्दिक मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  12. DADA YOU HAVE SINK US IN COLOUR BEFORE IN HOLI
    NICE LINES WITH GREAT EMOTIONS.

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  13. आदरणीय धीरेन्द्र जी
    बहुत ही उम्दा प्रस्तुती , बहुत सुन्दर रचना शेयर करने के लिये बहुत बहुत आभार,
    आपको होली की वधाई " सवाई सिंह "

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  14. बढिया रंगीली प्रस्‍तुति।

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  15. होली की हिलोर उठने लगी दिल मे आपकी कविता से

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  16. होली का बहुत ही मनमोहक वर्णन ! बधाई !!

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  17. सराबोर कर दिया आपने होली के रंगों में!!

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  18. पत्तों का नही पता अधर पर अंगारे
    या कलमुंही टेसू जली है होली में,

    कम्पित है क्यों लौ "धीर" कि देहरी पर
    फागुन इठलाती चली है होली में,
    bahut hi badhiya ,holi parv ki badhai aapko.

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  19. ..... रचना है लाजवाब!!!....रंग भरी!!!!

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  20. बहुत बढिया , मजेदार - धीरेन्द्र जी रंग-बिरंगे रंगों से सरोबार कर दिया अपने.... आपको - सपरिवार, होली की बहुत बहुत बधाइयाँ.

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  21. अभी से होली के रंगों से भीगो दिया हैं आपने

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  22. कम्पित है क्यों लौ "धीर" कि देहरी पर
    फागुन इठलाती चली है होली में,
    thanks dheerendraji jo aap mere blog per aaye aur mere followears bane.main bhi aapke blog per pahali baar aai hoon aur aapki followers ban gai hoon .bahut achchi aapne holi per kavyanjali likhi hai.dil ko choo gai aapki rachanaa badhaai aapko.

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  23. अमरैय्या में कुहूँ कुहूँ करती कोयल
    लगती मन को बड़ी भली है होली में,
    रतन चुनरिया पिरियाई है सरसों 'कि'
    चना चोली, गेंहू बाली है होली में,
    कम्पित है क्यों लौ "धीर" 'कि' देहरी पर
    फागुन इठलाती चली है होली में,
    आखिर के दोनों बन्दों में 'कि' के स्थान पर की होना चाहिए धीरू भाई ..रचना सुन्दर है अप्रतिम है .

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  24. क्या बात है महोदय पूरा रंग होली का यहाँ उड़ेल दिया आपने.....

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  25. फगुनई आहट अब रूबरू है,
    बस,एक मैं हूँ ,एक तू है !

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  26. सचमुच होली का रंग और उमंग भर आया है !
    सुन्दर प्रस्तुति !

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  27. 'धीर' जी आपकी होलीगिरी भी कमाल की है,जी.
    रंग बिरंगी सुन्दर गोली दी है आपने.

    कम्पित है क्यों लौ "धीर" कि देहरी पर
    फागुन इठलाती चली है होली में,

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  28. hili ki maje vali kavita holi ka sampurn aanad deti hui
    bahut badhai
    rachana

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  29. बहुत उम्दा प्रस्तुति!
    bahut bahut aapko bhi holi ki badhai ....

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  30. Happy holi aap sabon ko... holi kee panktiyaan khubsurat hai... saare rangon ka samavesh....

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  31. लाजवाब................रंगों का त्यौहार मुबारक हो!!

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