शहीदों की याद में,
शहीद हुए वतन के लिए याद करते जाइये,
शहीद हुए वतन के लिए याद करते जाइये,
अमर शहीदों के याद में ,आंसू तो बहाइये!!
सरहद की रक्षा की, अपने सर को कटाकर
जन-जागरण में उनकी गाथा तो सुनाइये!!
नेता नहीं थे वे देश के, है अमर - भारती
चौराहों में उनके नाम की प्रतिमा लगाइये!!
तुरबत पर उनके फूल चढ़ाना नहीं काफी,
नगरों में उनके नाम की बस्ती बसाइये!!
बलिदान शहीदों का सहादत है देश की,
देकर के खून - खून का कर्जा चुकाइये!!
उस माँ को नमन कीजिये जिनके वे लाल थे
ऐसी माँ के चरण - रज को माथे से लगाइये!!
खुद कत्ल होकर बचा गए आन देश की,
अब कर्म आपका है,बस देश को बचाइये!!
dheerendra singh bhadauriya,,,
सरहद की रक्षा की, अपने सर को कटाकर
जन-जागरण में उनकी गाथा तो सुनाइये!!
नेता नहीं थे वे देश के, है अमर - भारती
चौराहों में उनके नाम की प्रतिमा लगाइये!!
तुरबत पर उनके फूल चढ़ाना नहीं काफी,
नगरों में उनके नाम की बस्ती बसाइये!!
बलिदान शहीदों का सहादत है देश की,
देकर के खून - खून का कर्जा चुकाइये!!
उस माँ को नमन कीजिये जिनके वे लाल थे
ऐसी माँ के चरण - रज को माथे से लगाइये!!
खुद कत्ल होकर बचा गए आन देश की,
अब कर्म आपका है,बस देश को बचाइये!!
dheerendra singh bhadauriya,,,
