
चिंगारी
अपने घर में अपने हाथों आग लगाते देखे लोग
आग लगाकर खुदही उसमे जलभून जाते देखे लोग
जो भी करेगा बच पायेगा इसकी क्या गारंटी है,
फिर भी घात लगाकर हमने बम बरसाते देखे लोग
सफेद लबादा पहनके तनमें दलाली करते देखे लोग
अब तो रोज झूठ के हक़में शोर मचाते देखे लोग
सच को सच कह देने वाले पता नही वो कहाँ गए
कुछ सिक्कों के बदले पूरा देश बेचते देखे लोग
अपनी बात मनवाने को अनसन करते देखे लोग
देशभक्ति के गीत गली में खुलकर गाते देखे लोग.
अपने आँगन में बँदूके बोकर उन्हें सींचते रहते जो
बैठ शान्ति सभाओं में ऐसे ही आतेजाते देखे लोग
==============
DHEERENDRA,
आग लगाकर खुदही उसमे जलभून जाते देखे लोग
जो भी करेगा बच पायेगा इसकी क्या गारंटी है,
फिर भी घात लगाकर हमने बम बरसाते देखे लोग
सफेद लबादा पहनके तनमें दलाली करते देखे लोग
अब तो रोज झूठ के हक़में शोर मचाते देखे लोग
सच को सच कह देने वाले पता नही वो कहाँ गए
कुछ सिक्कों के बदले पूरा देश बेचते देखे लोग
अपनी बात मनवाने को अनसन करते देखे लोग
देशभक्ति के गीत गली में खुलकर गाते देखे लोग.
अपने आँगन में बँदूके बोकर उन्हें सींचते रहते जो
बैठ शान्ति सभाओं में ऐसे ही आतेजाते देखे लोग
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DHEERENDRA,