हम देख न सके,,,रोज पढते रहे अखबार हम देख न सके,
आप कब हो गए सरकार हम देख न सके,!
हमने तो आपको अपने करीब देखा था,
बीच में कांच की दीवार हम देख न सके,!
उनकी आँखों में जहर, प्यार मेरी आँखों में,
और मिलती रही हर बार हम देख न सके,!
हम तो दीवाने थे सबसे ही गले मिल बैठे,
गुलों में खार थे पर उन्हें हम देख न सके,!
इस "धीर" का था इल्जाम जमाने भर पर,
और खुद अपना ही किरदार हम देख न सके,!
.................dheerendra,dheer,