इन्तजार,,,
शाम ढलने तक, मैंने इन्तजार किया,
वर्ष बदलने तक मैंने इन्तजार किया !
मेरे लफ्ज तुमसे, कुछ कहना चाहते थे,
तेरे गुनगुनाने तक मैंने इन्तजार किया !
बेवफाई बह रही थी, मेरे अश्क-ऐ-समंदर में,
फिर भी मयखाने तक मैंने इन्तजार किया !
करवटे बदलता रहा, रात भर आहों में,
नींद के आने तक मैंने इन्तजार किया !
नम हो गया था, तकिया दोनों तरफ से,
सूरज के निकलने तक मैंने इन्तजार किया !
दिन निकला नही, पर साल बदल गया,
तेरे जाग जाने तक मैंने इन्तजार किया !
साल बदलने से, तेरी बेवफाई नही बदली,
तेरी नजरें बदलने तक मैंने प्यार किया !
dheerendra bhadauriya,
शाम ढलने तक, मैंने इन्तजार किया,
वर्ष बदलने तक मैंने इन्तजार किया !
मेरे लफ्ज तुमसे, कुछ कहना चाहते थे,
तेरे गुनगुनाने तक मैंने इन्तजार किया !
बेवफाई बह रही थी, मेरे अश्क-ऐ-समंदर में,
फिर भी मयखाने तक मैंने इन्तजार किया !
करवटे बदलता रहा, रात भर आहों में,
नींद के आने तक मैंने इन्तजार किया !
नम हो गया था, तकिया दोनों तरफ से,
सूरज के निकलने तक मैंने इन्तजार किया !
दिन निकला नही, पर साल बदल गया,
तेरे जाग जाने तक मैंने इन्तजार किया !
साल बदलने से, तेरी बेवफाई नही बदली,
तेरी नजरें बदलने तक मैंने प्यार किया !
dheerendra bhadauriya,
